पुडुचेरी 1969 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
DMK: 15 सीटें (50.0%)INC: 10 सीटें (33.3%)CPI: 3 सीटें (10.0%)IND: 2 सीटें (6.7%)बहुमत के लिए 1630सरकार बनाने के लिए 16
  • DMK1550.0%
  • INC1033.3%
  • CPI310.0%
  • निर्दलीय26.7%
चुनाव की कहानी

पुडुचेरी की त्रिशंकु विधान सभा

क्या हुआ

पुडुचेरी के अगले विधान सभा चुनाव में कोई साफ़ विजेता नहीं निकला।

सबसे ज़्यादा सीटें द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम ने जीतीं, 30 में से 15।

यह 16 सीटों के बहुमत के आँकड़े से कम था — विधान सभा, जहाँ किसी पार्टी को अकेले सरकार बनाने लायक सीटें नहीं मिलतीं।

इस केंद्र शासित प्रदेश की पहली सरकार चलाने वाली इंडियन नेशनल कांग्रेस के पास अब बहुमत नहीं था — कभी की मज़बूत स्थिति से भारी गिरावट।

क्या बदला

इस चुनाव ने एक बिल्कुल नई पार्टी को भी सत्ता तक पहुँचाया, जिसने पिछला चुनाव लड़ा ही नहीं था।

द्रमुक 0 सीटों से 15 सीटों पर पहुँची — अपने पहले ही मुक़ाबले में जीत।

यह अकेली नई पार्टी नहीं थी: द्रमुक और भाकपा — दोनों ने इस चुनाव में विधान सभा में अपनी पहली सीटें जीतीं।

अहम आँकड़े

इस चुनाव के कुछ आँकड़े अपने आप में जानने लायक़ हैं।

असल में कांग्रेस के ज़्यादा था: 42.6%, जबकि जीतने वाली पार्टी का 33.7%।

अरियांकुप्पम, पुडुचेरी का फ़ैसला सिर्फ़ 16 वोटों से हुआ।

इस चुनाव में सबसे अच्छा नेट्टपाक्कम, पुडुचेरी में रहा, 90.6%।

दूसरी ओर, ग्रांड आल्दे, पुडुचेरी में सबसे एकतरफ़ा मुक़ाबला रहा, जहाँ विजेता 52.0% वोट से आगे रहा।

पृष्ठभूमि

बड़े दलों के अलावा भी मुक़ाबला बँटा रहा: निर्दलीयों और छोटे दलों ने भी अपनी कुछ सीटें जीतीं।

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