ग्रांड आल्देविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
वाई. पंडरीनाथन (DMK) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 70.8% वोट पाकर ग्रांड आल्दे सीट जीती और जी. मुथुकृष्णन (निर्दलीय) को 2,826 वोटों से हराया।
1969 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1974 से सीट नंबर 25 नेरवी ग्रांड आल्डी है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — वाई. पंडरीनाथन 52.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | वाई. पंडरीनाथन | 3,85270.8% | |
| 2 | जी. मुथुकृष्णन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,02618.9% |
| 3 | वी. गणबधियापिल्लई | 56110.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
DMK और एक निर्दलीय को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.83 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
ग्रांड आल्दे से कौन जीता, 1964–1969
DMK ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1964 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1964 के 85.1% से घटकर 84.2% रह गया।
- 1964वरद पिल्लई, वी.एम.सी. (INC), जीत का अंतर 41.2%
- 1969वाई. पंडरीनाथन (DMK), जीत का अंतर 52.0%