मन्नाडिपेटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
एस.एम. सुब्बरायन (DMK) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 51.0% वोट पाकर मन्नाडिपेट सीट जीती और डी. कन्नप्पन (INC) को 1,184 वोटों से हराया।
1969 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1974 से सीट नंबर 14 थिरुभुवनई है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — एस.एम. सुब्बरायन 17.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एस.एम. सुब्बरायन | 3,49951.0% | |
| 2 | डी. कन्नप्पन | 2,31533.7% | |
| 3 | टी. वीरप्पन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,00014.6% |
| 4 | के.एस. शनमुगा कवुंडर निर्दलीय | निर्दलीय | 480.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
DMK, INC और एक निर्दलीय को 99% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.53 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मन्नाडिपेट से कौन जीता, 1964–1969
DMK ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1964 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1964 के 82.8% से बढ़कर 86.1% हो गया।
- 1964माणिक्कवासगा रेड्डियार (INC), जीत का अंतर 30.9%
- 1969एस.एम. सुब्बरायन (DMK), जीत का अंतर 17.3%