पुडुचेरी 2006 का नक्शा लोड हो रहा है…

पार्टी के हिसाब से सीटें
INC: 10 सीटें (33.3%)DMK: 7 सीटें (23.3%)ADMK: 3 सीटें (10.0%)IND: 3 सीटें (10.0%)PMC: 3 सीटें (10.0%)PMK: 2 सीटें (6.7%)CPI: 1 सीट (3.3%)MDMK: 1 सीट (3.3%)बहुमत के लिए 1630सरकार बनाने के लिए 16
चुनाव की कहानी

कांग्रेस की लगातार छठी जीत

क्या हुआ

कांग्रेस एक और कार्यकाल के लिए पुडुचेरी की विधान सभा में सबसे आगे रही, और फिर अपने दम पर बहुमत से पीछे रही।

इंडियन नेशनल कांग्रेस ने 30 सीटों में से 10 सीटें जीतीं।

इसके बजाय उसने के ज़रिए सरकार चलाई, जिसके सदस्य दलों के पास मिलाकर 20 सीटें थीं।

द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम 7 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही।

क्या बदला

पुडुचेरी की विधान सभा में कांग्रेस का शीर्ष पर रहने का सिलसिला एक और चुनाव तक चला।

सत्ता पर उसकी पकड़ अब लगातार 6 चुनावों तक पहुँच गई।

भी पिछले चुनाव के मुक़ाबले तेज़ी से बढ़ा, 13.3 प्रतिशत अंक ऊपर।

अहम आँकड़े

उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

मतगणना का सबसे कड़ा मुक़ाबला नेरवी-ग्रांड आल्दे, पुडुचेरी में हुआ, जिसका फ़ैसला सिर्फ़ 184 वोटों से हुआ, जो उस साल किसी भी सीट पर सबसे कम था।

इस चुनाव का सबसे बड़ा जीत का अंतर थट्टांचावडी, पुडुचेरी में रहा, 83.5%।

यानम, पुडुचेरी में पूरे प्रदेश में सबसे ऊँचा मतदान प्रतिशत दर्ज हुआ: 96.7%।

लॉसपेट, पुडुचेरी में किसी भी सीट से ज़्यादा पंजीकृत मतदाता थे: 51,708।

पृष्ठभूमि

यह पुडुचेरी का आख़िरी चुनाव था जो विधान सभा सीटों की पुरानी सीमाओं पर हुआ।

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RBI 2024-25

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