नेरवी-ग्रांड आल्देविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2006
वी.एम.सी. शिवकुमार (DMK) ने 2006 के विधान सभा चुनाव में 31.4% वोट पाकर नेरवी-ग्रांड आल्दे सीट जीती और वी.एम.सी.वी. गणपति (निर्दलीय) को 184 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 25 ग्रांड आल्दे थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 25 थिरुनल्लार है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नेरवी-ग्रांड आल्दे का फ़ैसला सिर्फ़ 1.2% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 184 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | वी.एम.सी. शिवकुमार UPA | UPA | 4,94631.4% |
| 2 | वी.एम.सी.वी. गणपति निर्दलीय | निर्दलीय | 4,76230.2% |
| 3 | वी. जयबल | 2,96518.8% | |
| 4 | एम. सेल्वाराज निर्दलीय | निर्दलीय | 2,93218.6% |
| 5 | एस. वडिवेल NDA | NDA | 720.5% |
| 6 | यू. गणपति निर्दलीय | निर्दलीय | 710.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.84 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नेरवी-ग्रांड आल्दे से कौन जीता, 1974–2006
DMK ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1996 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 47.0% से घटकर 31.4% रह गया। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2001 के 71.5% से बढ़कर 86.6% हो गया।
- 1974वी. एम. सी. वरदपिल्लई (ADK), जीत का अंतर 26.2%
- 1977वी.एम.सी. वरदपिल्लई (JNP), जीत का अंतर 2.0%
- 1980वी. एम. सी. शिवकुमार (DMK), जीत का अंतर 14.7%
- 1985वी.एम.सी. वरदा पिल्लई (ADK), जीत का अंतर 6.9%
- 1990वी. गणपति (ADK), जीत का अंतर 6.2%
- 1991वी. एम. सी. वी. गणपति (ADK), जीत का अंतर 1.9%
- 1996वी.एम.सी. शिवकुमार (DMK), जीत का अंतर 22.6%
- 2001वी.एम.सी. शिवकुमार (DMK), जीत का अंतर 20.6%
- 2006वी.एम.सी. शिवकुमार (DMK), जीत का अंतर 1.2%