राज भवनविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
एस.पी. शिवकुमार (DMK) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 58.5% वोट पाकर राज भवन सीट जीती और ए. गांधीरासु (INC) को 1,538 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 3 कासुक्कडई थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 3 ऊसुडु है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — एस.पी. शिवकुमार 33.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एस.पी. शिवकुमार संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 2,69758.5% |
| 2 | ए. गांधीरासु | 1,15925.2% | |
| 3 | लुई प्रगासा कन्नैया निर्दलीय | निर्दलीय | 55912.1% |
| 4 | एम. विश्वेश्वरन | 1052.3% | |
| 5 | जी. राजमोहन यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 390.8% |
| 6 | डी. रामजयम AIIC(T) | AIIC(T) | 280.6% |
| 7 | जी. कृष्णराजू निर्दलीय | निर्दलीय | 80.2% |
| 8 | ए. सामी आरोकियासामी निर्दलीय | निर्दलीय | 80.2% |
| 9 | वी. अमृतलिंगम उर्फ़ बाबू JP | JP | 40.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
DMK, INC और एक निर्दलीय को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.37 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
राज भवन से कौन जीता, 1974–2006
DMK ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था; DMK ने यहाँ पिछली बार 1990 में जीत दर्ज की थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1991 के 54.8% से बढ़कर 64.4% हो गया। इसके बाद 2001 के चुनाव में भी DMK ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974धना कांतराज (INC), जीत का अंतर 30.2%
- 1977रामजयम डी. (JNP), जीत का अंतर 0.3%
- 1980एल. जोसेफ मरियदास (DMK), जीत का अंतर 19.5%
- 1985एल. जोसेफ मरियादास (INC), जीत का अंतर 19.0%
- 1990एस. पी. शिवकुमार (DMK), जीत का अंतर 2.8%
- 1991ए. गांधीराज (INC), जीत का अंतर 1.0%
- 1996एस.पी. शिवकुमार (DMK), जीत का अंतर 33.4%
- 2001शिवकुमार एस.पी. (DMK), जीत का अंतर 26.4%
- 2006एस.पी. शिवकुमार (DMK), जीत का अंतर 38.2%