मुथियालपेटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
एस. आनंदवेलु (ADMK) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 56.3% वोट पाकर मुथियालपेट सीट जीती और जी. पलनीराजा (DMK) को 2,911 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 1 मुथियालपेट थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 1 मन्नाडिपेट है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
14.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
ऴ: तमिल और मलयालम की 'ழ' / 'ഴ' ध्वनि (ल और ड़ के बीच की है)
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एस. आनंदवेलु | 11,00956.3% | |
| 2 | जी. पलनीराजा संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 8,09841.4% |
| 3 | एस. राजमणिक्कम उर्फ़ यिलंगो | 1570.8% | |
| 4 | एन. येऴिलरसन निर्दलीय | निर्दलीय | 950.5% |
| 5 | वी. सेल्वकुमार JP | JP | 810.4% |
| 6 | पी. भास्कर निर्दलीय | निर्दलीय | 450.2% |
| 7 | के. अरुमुगम निर्दलीय | निर्दलीय | 370.2% |
| 8 | एन. विजयकुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 180.1% |
| 9 | आर. कृष्णन निर्दलीय | निर्दलीय | 170.1% |
| 10 | जानकीरामन निर्दलीय | निर्दलीय | 100.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
ADMK और DMK को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.05 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मुथियालपेट से कौन जीता, 1974–2006
ADMK ने यह सीट ADK से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह ADMK की पहली जीत थी। यह 1980 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1991 के 62.1% से बढ़कर 68.4% हो गया। इसके बाद 2001 के चुनाव में भी ADMK ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974पजनीराजा, जी. (ADK), जीत का अंतर 4.8%
- 1977जी. पलानी राजा (ADK), जीत का अंतर 14.9%
- 1980जी. पलनीराजा (DMK), जीत का अंतर 33.9%
- 1985जी. पलनीराजा (DMK), जीत का अंतर 10.6%
- 1990जी. पलनीराजा (DMK), जीत का अंतर 11.5%
- 1991एम. बालसुब्रमण्यम (ADK), जीत का अंतर 6.4%
- 1996एस. आनंदवेलु (ADMK), जीत का अंतर 14.9%
- 2001कासिलिंगम ए. (ADMK), जीत का अंतर 10.6%
- 2006नंदा टी. सरवणन (DMK), जीत का अंतर 24.5%