अरियांकुप्पमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
एस. रामसिंह (PMK) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 37.9% वोट पाकर अरियांकुप्पम सीट जीती और टी. जयमूर्ति (DMK) को 1,053 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 9 अरियांकुप्पम थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 9 थट्टांचावडी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एस. रामसिंह | 7,38237.9% | |
| 2 | टी. जयमूर्ति संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 6,32932.5% |
| 3 | एस. श्रीदारन | 3,77019.3% | |
| 4 | पी. पुरुषोत्तमन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7549.0% |
| 5 | वी. देवराजन निर्दलीय | निर्दलीय | 810.4% |
| 6 | पी. जया निर्दलीय | निर्दलीय | 670.3% |
| 7 | आर. अशोक | 570.3% | |
| 8 | एम. आदिनारायणने निर्दलीय | निर्दलीय | 230.1% |
| 9 | जे. जयमूर्ति निर्दलीय | निर्दलीय | 220.1% |
| 10 | के. रमेश निर्दलीय | निर्दलीय | 110.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.40 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अरियांकुप्पम से कौन जीता, 1974–2006
PMK ने यह सीट DMK से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह PMK की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1991 के 66.5% से बढ़कर 76.5% हो गया। इसके बाद 2001 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।
- 1974पुरुषोत्तमन, पी. सी. (INC), जीत का अंतर 3.8%
- 1977पी. सुब्बरायन (DMK), जीत का अंतर 7.9%
- 1980पी. सुब्बुरायन (DMK), जीत का अंतर 22.2%
- 1985पी. पुरुषोत्तमन (ADK), जीत का अंतर 3.0%
- 1990ए. भक्तवत्सलम (JD), जीत का अंतर 3.9%
- 1991पी. सुब्बुरायन (DMK), जीत का अंतर 7.2%
- 1996एस. रामसिंह (PMK), जीत का अंतर 5.4%
- 2001जयमूर्ति टी. (IND), जीत का अंतर 19.2%
- 2006आर.के.आर. अनंतरामन (PMK), जीत का अंतर 7.0%