मुदलियारपेटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
एम. मंजिनी (CPI) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 49.7% वोट पाकर मुदलियारपेट सीट जीती और वी. कोदंडरामन सबापति (INC) को 3,102 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में भी सीट नंबर 8 का नाम मुदलियारपेट था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 8 इंदिरा नगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एम. मंजिनी संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 11,38049.7% |
| 2 | वी. कोदंडरामन सबापति | 8,27836.1% | |
| 3 | जी. थिरुवरसन | 2,50610.9% | |
| 4 | एस. शिवरामन, बी. एससी निर्दलीय | निर्दलीय | 2631.1% |
| 5 | पी. जयकुमार | 1530.7% | |
| 6 | के. सुब्रमण्यन उर्फ़ के.एस. मणि CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 1230.5% |
| 7 | जैकब निर्दलीय | निर्दलीय | 790.3% |
| 8 | रामलिंगम, बी.ए. निर्दलीय | निर्दलीय | 560.2% |
| 9 | के. शंकर उर्फ़ धनकोडी निर्दलीय | निर्दलीय | 320.1% |
| 10 | एम. सुंदरपांडियन निर्दलीय | निर्दलीय | 170.1% |
| 11 | जी. सक्करवर्ती निर्दलीय | निर्दलीय | 150.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPI, INC और PMK को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.57 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मुदलियारपेट से कौन जीता, 1974–2006
CPI ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था; CPI ने यहाँ पिछली बार 1990 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1991 के 64.9% से बढ़कर 69.5% हो गया। इसके बाद 2001 के चुनाव में यह सीट DMK ने जीती।
- 1974सभापति उर्फ़ कोदंडरामन (NCO), जीत का अंतर 6.2%
- 1977वी. सभापति कोदंडरामन (INC), जीत का अंतर 18.0%
- 1980वी. कोदंडरामन उर्फ़ सभापति (INC(I)), जीत का अंतर 21.2%
- 1985वी. सभापति कोदंडरामन (INC), जीत का अंतर 2.9%
- 1990एम. मंजिनी (CPI), जीत का अंतर 4.4%
- 1991वी. कोदंडरामन उर्फ़ सभापति (IND), जीत का अंतर 21.7%
- 1996एम. मंजिनी (CPI), जीत का अंतर 13.5%
- 2001डॉ. सुब्रमण्यन एम.ए.एस. (DMK), जीत का अंतर 6.8%
- 2006डॉ. एम.ए.एस. सुब्रमण्यन (DMK), जीत का अंतर 4.8%