केरलम का पहला चुनाव
क्या हुआ
इस राज्य के पहले विधान सभा चुनाव में एक पार्टी को बाक़ी सबसे ज़्यादा सीटें मिलीं, लेकिन वह अपने दम पर बहुमत से थोड़ा पीछे रह गई।
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया ने कुल 126 सीटों में से 60 सीटें हासिल कीं।
उसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी इंडियन नेशनल कांग्रेस ने 43 सीटें जीतीं।
क्या बदला
यहाँ यह पहला ही चुनाव था, जो कई पुराने इलाक़ों को मिलाकर राज्य बनने के ठीक बाद हुआ।
उस साल कई सीटें बहु-सदस्यीय थीं, यानी एक ही मुक़ाबले से एक से ज़्यादा सदस्य नई विधान सभा में पहुँचते थे।
114 निर्वाचन क्षेत्रों में से 12 इसी तरह काम करते थे।
अहम आँकड़े
उस पहले चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
सबसे कड़ा मुक़ाबला कन्नानोर I, केरलम में हुआ, जिसका फ़ैसला सिर्फ़ 51 वोटों से हुआ।
दूसरे स्थान पर रही कांग्रेस को असल में विजेता से ज़्यादा (कुल डाले गए वोटों का वह हिस्सा जो किसी एक पार्टी या उम्मीदवार को मिला) मिला, 37.9% बनाम 35.3%, जबकि उसने कहीं कम सीटें जीतीं।
सबसे अच्छा (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) करुनागप्पल्ली, केरलम में रहा, 83.0%।
किसी भी निर्वाचन क्षेत्र से ज़्यादा पंजीकृत मतदाता देवीकुलम, केरलम में थे, कुल 1,41,815।
पृष्ठभूमि
इस चुनाव से बनी सरकार ने इस राज्य की सीमाओं से कहीं आगे तक इतिहास रचा।