केरलम 1982 का नक्शा लोड हो रहा है…

पार्टी के हिसाब से सीटें
IND: 33 सीटें (23.6%)CPM: 26 सीटें (18.6%)INC: 20 सीटें (14.3%)MUL: 14 सीटें (10.0%)CPI: 13 सीटें (9.3%)KEC(J): 8 सीटें (5.7%)KEC: 6 सीटें (4.3%)ICS: 5 सीटें (3.6%)अन्य (5 पार्टियाँ): 15 सीटें — IML 4, JNP 4, RSP 4, NDP 2, IC(S) 1बहुमत के लिए 71140सरकार बनाने के लिए 71
  • निर्दलीय3323.6%
  • CPM2618.6%
  • INC2014.3%
  • MUL1410.0%
  • CPI139.3%
  • KEC(J)85.7%
  • KEC64.3%
  • ICS53.6%
  • अन्य1510.7%
चुनाव की कहानी

निर्दलीय सबसे आगे

क्या हुआ

इस बार सीटों की गिनती में कोई संगठित पार्टी सबसे आगे नहीं रही, बल्कि बिना किसी पार्टी वाले उम्मीदवार आगे रहे।

निर्दलीय उम्मीदवारों ने 140 में से 33 सीटें जीतीं, जो किसी भी एक पार्टी से ज़्यादा थीं।

इससे वह 71 सीटों के बहुमत के आँकड़े से पीछे रह गई, यानी सदन रहा।

उसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सिस्ट) ने 26 सीटें जीतीं।

क्या बदला

कांग्रेस के दो प्रतिद्वंद्वी गुटों का समर्थन ढह गया, और उनकी कई सीटें बिना पार्टी वाले उम्मीदवारों के पास चली गईं।

इंडियन नेशनल कांग्रेस (उर्स) की 13 सीटें सीधे निर्दलीय उम्मीदवारों के पास चली गईं, जो इस चुनाव का सबसे बड़ा बदलाव था।

पूरे राज्य में 140 सीटों में से 77 सीटों पर पिछले चुनाव के मुक़ाबले जीतने वाली पार्टी बदल गई।

अहम आँकड़े

उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

सबसे क़रीबी मुक़ाबला पल्लुरुत्ती, केरलम में हुआ, जहाँ सिर्फ़ 16 वोट रहा।

उस साल सबसे बड़ा जीत का अंतर तानूर, केरलम में रहा, जहाँ विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से 46.4% वोट आगे रहा।

चेर्तला, केरलम में लगभग 85.3% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला, जो उस साल किसी भी सीट पर सबसे ज़्यादा था।

इस चुनाव में सबसे ज़्यादा उम्मीदवार निलंबूर, केरलम में उतरे, बैलट पर 11 उम्मीदवार थे।

पृष्ठभूमि

यह चुनाव केरलम के दो प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक मोर्चों के अपने आज के रूप में पहली बार आमने-सामने होने के कुछ ही समय बाद हुआ।

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RBI 2024-25

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