केरलम 1977 का नक्शा लोड हो रहा है…

पार्टी के हिसाब से सीटें
INC: 38 सीटें (27.1%)CPI: 23 सीटें (16.4%)KEC: 20 सीटें (14.3%)CPM: 17 सीटें (12.1%)MUL: 13 सीटें (9.3%)IND: 9 सीटें (6.4%)RSP: 9 सीटें (6.4%)JNP: 6 सीटें (4.3%)अन्य (2 पार्टियाँ): 5 सीटें — MLO 3, KCP 2बहुमत के लिए 71140सरकार बनाने के लिए 71
  • INC3827.1%
  • CPI2316.4%
  • KEC2014.3%
  • CPM1712.1%
  • MUL139.3%
  • निर्दलीय96.4%
  • RSP96.4%
  • JNP64.3%
  • अन्य53.6%
चुनाव की कहानी

कांग्रेस ने सत्ता बचाई

क्या हुआ

राज्य में पहले से सरकार चला रही पार्टी ने बँटे हुए विपक्ष को रोककर सत्ता बचाए रखी।

इंडियन नेशनल कांग्रेस ने कुल 140 सीटों में से 38 सीटें जीतीं।

उसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया ने 23 सीटें जीतीं।

इससे वह 71 सीटों के बहुमत के आँकड़े से पीछे रह गई, यानी सदन रहा।

क्या बदला

यह बढ़ी हुई संख्या वाले विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों पर हुआ पहला चुनाव भी था।

ये अतिरिक्त सीटें से आईं।

विधान सभा की सीटें 133 से बढ़कर 140 हो गईं।

कुछ नए दलों ने राज्य में पहली बार सीटें जीतीं: जनता पार्टी, मुस्लिम लीग (ऑपोजिशन) और केरल कांग्रेस (पिल्लई ग्रुप)।

अहम आँकड़े

उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

सबसे क़रीबी मुक़ाबला एट्टुमानूर, केरलम में हुआ, जहाँ सिर्फ़ 242 वोट रहा।

उस साल सबसे बड़ा जीत का अंतर तानूर, केरलम में रहा, जहाँ विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से 55.8% वोट आगे रहा।

बालुश्शेरी, केरलम में लगभग 85.9% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला, जो उस साल किसी भी सीट पर सबसे ज़्यादा था।

इस चुनाव में सबसे ज़्यादा उम्मीदवार नेडुवत्तूर, केरलम में उतरे, बैलट पर 13 उम्मीदवार थे।

पृष्ठभूमि

यह चुनाव दो बड़े के बीच नहीं, बल्कि कई अलग-अलग दलों और निर्दलीयों के बीच लड़ा गया।

उस साल 10 दलों ने सीटें जीतीं, और इनके अलावा 9 निर्दलीय भी जीते।

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RBI 2024-25

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