केरलम 2016 का नक्शा लोड हो रहा है…

पार्टी के हिसाब से सीटें
CPM: 58 सीटें (41.4%)INC: 22 सीटें (15.7%)CPI: 19 सीटें (13.6%)IUML: 18 सीटें (12.9%)IND: 6 सीटें (4.3%)KEC(M): 6 सीटें (4.3%)JD(S): 3 सीटें (2.1%)NCP: 2 सीटें (1.4%)अन्य (6 पार्टियाँ): 6 सीटें — BJP 1, C(S) 1, CMPKSC 1, KEC(B) 1, KEC(J) 1, NSC 1बहुमत के लिए 71140सरकार बनाने के लिए 71
चुनाव की कहानी

वाम दलों को साफ़ बहुमत

क्या हुआ

इस बार एक मोर्चा बहुमत के आँकड़े को आराम से पार कर गया, काफ़ी गुंजाइश के साथ।

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सिस्ट) ने अपने दम पर 140 में से 58 सीटें जीतीं, जो किसी भी दूसरी पार्टी से ज़्यादा थीं।

इसके मोर्चे ने कुल 85 सीटें जीतीं, जो 71 सीटों के बहुमत के आँकड़े से ज़्यादा थीं।

क्या बदला

इस मोर्चे की अगुवाई करने वाली पार्टी ने पिछले चुनाव में बहुत कम सीटें जीती थीं।

उसकी सीटें तब 45 थीं, इस बार 58 हो गईं।

फिर भी इसके अपने पिछले चुनाव से 1.7 प्रतिशत अंक घटा।

इंडियन नेशनल कांग्रेस के मतों का हिस्सा इससे भी ज़्यादा गिरा, 2.7 प्रतिशत अंक।

अहम आँकड़े

इस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

सबसे कड़ा मुक़ाबला वडक्कनचेरी, केरलम में हुआ, जिसका फ़ैसला सिर्फ़ 43 वोटों से हुआ।

सबसे ज़्यादा चेर्तला, केरलम में रहा, 86.7%।

उस साल सबसे ज़्यादा मतदाता आरनमुला, केरलम में थे, कुल 2,27,943 पंजीकृत मतदाता।

सबसे भीड़ वाला मुक़ाबला पूंजार, केरलम में था, जहाँ एक ही सीट के लिए 17 उम्मीदवार मैदान में थे।

पृष्ठभूमि

यह चुनाव उन्हीं राज्य सीमाओं के भीतर हुआ, जो केरलम के बनने के समय से चली आ रही थीं।

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