केरलम 1960 का नक्शा लोड हो रहा है…

पार्टी के हिसाब से सीटें
INC: 63 सीटें (50.0%)CPI: 29 सीटें (23.0%)PSP: 20 सीटें (15.9%)ML: 11 सीटें (8.7%)IND: 3 सीटें (2.4%)बहुमत के लिए 64126सरकार बनाने के लिए 64
  • INC6350.0%
  • CPI2923.0%
  • PSP2015.9%
  • ML118.7%
  • निर्दलीय32.4%
चुनाव की कहानी

'मुक्ति संघर्ष' के बाद का चुनाव

क्या हुआ

राज्य की पहली सरकार चलाने वाली पार्टी सत्ता से बाहर हो गई, और एक प्रतिद्वंद्वी मोर्चे ने यह चुनाव भारी जीत के साथ जीता।

अकेले इंडियन नेशनल कांग्रेस ने 126 में से 63 सीटें जीतीं, जो बहुमत से थोड़ा कम था।

अपने के साथ उसके पास कुल 94 सीटें थीं, जो सरकार बनाने के लिए ज़रूरी आँकड़े से काफ़ी ज़्यादा थीं।

क्या बदला

यह चुनाव राज्य की पहली सरकार की बर्ख़ास्तगी के बाद हुआ, जिसे पिछले साल केंद्र सरकार ने हटा दिया था।

उस सरकार की अगुवाई करने वाली कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया इस बार सिर्फ़ 29 सीटों पर सिमट गई।

पिछले चुनाव के मुक़ाबले 114 में से 50 सीटों पर पार्टी बदली।

अहम आँकड़े

इस भारी जीत के कुछ आँकड़े ख़ास हैं।

सबसे कड़ा मुक़ाबला तेल्लिचेरी, केरलम में हुआ, जिसका फ़ैसला सिर्फ़ 23 वोटों से हुआ।

86.1% तक पहुँचा, जो इस राज्य के किसी भी विधान सभा चुनाव में सबसे ऊँचा है।

किसी भी निर्वाचन क्षेत्र से ज़्यादा पंजीकृत मतदाता देवीकुलम, केरलम में थे, कुल 1,86,387।

सबसे ज़्यादा उम्मीदवार कुन्नतूर, केरलम में थे, कुल 9।

पृष्ठभूमि

उस दौर के हिसाब से यह भीड़ भरा मुक़ाबला था, जिसमें कई दल और निर्दलीय उतरे थे।

5 दलों ने सीटें जीतीं, साथ ही 3 निर्दलीय उम्मीदवार भी जीते।

राज्य के आँकड़े पूछें

RBI 2024-25

सभी 114 सीटें