वैकमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1957
के. आर. नारायणन (INC) ने 1957 के विधान सभा चुनाव में 50.6% वोट पाकर वैकम सीट जीती और सी. के. विश्वनाथन (CPI) को 654 वोटों से हराया।
1960 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1965 से सीट नंबर 44 मलमपुझा (मलमपुऴा) है। ऴ: तमिल और मलयालम की 'ழ' / 'ഴ' ध्वनि (ल और ड़ के बीच की है)
विजेता
वैकम का फ़ैसला सिर्फ़ 1.3% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 654 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
2 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | के. आर. नारायणन | 25,81850.6% | |
| 2 | सी. के. विश्वनाथन | 25,16449.4% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और CPI को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.00 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
वैकम से कौन जीता, 1957–1960
इसके बाद 1960 के चुनाव में यह सीट CPI ने जीती।
- 1957के. आर. नारायणन (INC), जीत का अंतर 1.3%
- 1960श्रीनिवासन (CPI), जीत का अंतर 3.3%