कांग्रेस की ज़ोरदार वापसी
क्या हुआ
इस चुनाव में कांग्रेस भारी जीत के साथ सत्ता में लौटी।
इंडियन नेशनल कांग्रेस ने कुल 68 सीटों में से 52 सीटें जीतीं।
यह बहुमत के लिए ज़रूरी सीटों से 17 सीटें ज़्यादा था।
सत्ता से जा रही भारतीय जनता पार्टी सिर्फ़ 8 सीटों पर सिमट गई, जबकि (कुल डाले गए वोटों का वह हिस्सा जो किसी एक पार्टी या उम्मीदवार को मिला) अब भी 36.1% था।
क्या बदला
इस चुनाव में (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) बढ़कर राज्य के नए रिकॉर्ड पर पहुँचा।
लगभग 70.9% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला, जो राज्य में तब तक का सबसे ऊँचा हिस्सा था।
ज़्यादातर झुकाव भाजपा के मतदाताओं के कांग्रेस की ओर जाने से आया, जो 33 सीटों के बराबर था।
अहम आँकड़े
चुनाव परिणामों के कुछ आँकड़े अपने आप में ध्यान खींचते हैं।
मतगणना का सबसे कड़ा मुक़ाबला शिमला, हिमाचल प्रदेश में हुआ, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 159 वोट रहा।
दूसरी ओर, मतगणना की सबसे बड़ी जीत रोहडू, हिमाचल प्रदेश में हुई, जहाँ जीत का अंतर 57.0% वोट रहा।
इस चुनाव में सबसे ज़्यादा मतदान प्रतिशत ठियोग, हिमाचल प्रदेश में रहा, 81.9%।
पंजीकृत मतदाताओं के हिसाब से कुल्लू, हिमाचल प्रदेश सबसे बड़ा निर्वाचन क्षेत्र था, जहाँ मतदाता सूची में 70,806 नाम थे।
पृष्ठभूमि
इस चुनाव में कांग्रेस और भाजपा की होड़ फिर दूसरी ओर पलट गई।