हिमाचल प्रदेश 1985 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
INC: 58 सीटें (85.3%)BJP: 7 सीटें (10.3%)IND: 2 सीटें (2.9%)LKD: 1 सीट (1.5%)बहुमत के लिए 3568सरकार बनाने के लिए 35
  • INC5885.3%
  • BJP710.3%
  • निर्दलीय22.9%
  • LKD11.5%
चुनाव की कहानी

कांग्रेस का अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन

क्या हुआ

इस चुनाव में कांग्रेस सत्ता में बनी रही और पहले से भी ज़्यादा सीटें जीतीं।

इंडियन नेशनल कांग्रेस ने कुल 68 सीटों में से 58 सीटें जीतीं।

यह बहुमत के लिए ज़रूरी सीटों से 23 सीटें ज़्यादा था।

उसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी भारतीय जनता पार्टी सिर्फ़ 7 सीटें जीत पाई।

यह भारी जीत थी, और राज्य में पार्टी की अब तक की सबसे ज़्यादा सीटें।

क्या बदला

कांग्रेस फिर सत्ता में लौटी और उसका कार्यकाल आगे बढ़ा।

पार्टी अब राज्य में लगातार 2 चुनाव जीत चुकी थी।

ज़्यादातर बढ़त सीधे भाजपा के मतदाताओं के कांग्रेस की ओर जाने से आई, जो 22 सीटों के बराबर थी।

इस चुनाव में भाजपा और राज्य के निर्दलीय, दोनों की सीटें बुरी तरह घट गईं।

अहम आँकड़े

चुनाव परिणामों के कुछ आँकड़े अपने आप में ध्यान खींचते हैं।

ज्वालामुखी, हिमाचल प्रदेश में बेहद कड़ा मुक़ाबला हुआ; सिर्फ़ 9 वोट रहा।

दूसरी ओर, लाहौल और स्पीति, हिमाचल प्रदेश में इस चुनाव की सबसे बड़ी जीत दर्ज हुई, जहाँ जीत का अंतर कुल वोटों का 92.6% रहा।

इस चुनाव में सबसे ज़्यादा पांवटा दून, हिमाचल प्रदेश में दर्ज हुआ, 79.8%।

पंजीकृत मतदाताओं के हिसाब से कुल्लू, हिमाचल प्रदेश सबसे बड़ा निर्वाचन क्षेत्र था, जहाँ मतदाता सूची में 47,448 नाम थे।

पृष्ठभूमि

इस परिणाम ने राज्य विधान सभा की बागडोर फिर मज़बूती से कांग्रेस के हाथ में दे दी।

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RBI 2024-25

सभी 68 सीटें