बड़े राज्य में कम अंतर की जीत
क्या हुआ
राज्य की पहली सरकार चलाने वाली पार्टी फिर सत्ता में बनी रही, लेकिन बहुत कम अंतर से।
इस बार इंडियन नेशनल कांग्रेस ने 34 सीटें जीतीं।
इससे वह 60 सीटों वाले सदन के बहुमत के आँकड़े से सिर्फ़ 3 सीटें ऊपर रही।
निर्दलीय खेमा 16 सीटों के साथ ठीक पीछे रहा।
क्या बदला
यह राज्य की सीमाओं में बड़े बदलाव के बाद हुआ पहला चुनाव था, जब पड़ोसी राज्य के कुछ पहाड़ी ज़िले हाल ही में इसमें जोड़े गए थे।
इसके साथ विधान सभा भी 36 सीटों से बढ़कर 60 सीटों की हो गई।
यहाँ कुछ नए दलों ने पहली बार सीटें जीतीं: अखिल भारतीय जनसंघ और भाकपा।
अहम आँकड़े
इस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
सबसे क़रीबी मुक़ाबला: ऊना, हिमाचल प्रदेश का फ़ैसला सिर्फ़ 56 वोटों से हुआ।
इस चुनाव में सबसे बड़ा (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) आउटर सिराज, हिमाचल प्रदेश में रहा, जहाँ विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से 88.8% आगे रहे।
सबसे ज़्यादा उम्मीदवार अंब, हिमाचल प्रदेश में थे, जहाँ 11 उम्मीदवार मैदान में थे।
(पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) बढ़कर लगभग 48.4% हो गया, जो राज्य के पहले चुनाव से 21.7 प्रतिशत अंक ज़्यादा था।
पृष्ठभूमि
यह चुनाव राज्य में बड़ा इलाक़ा जुड़ने के बाद हुआ।