हिमाचल प्रदेश की पहली विधान सभा
क्या हुआ
राज्य का पहला ही विधान सभा चुनाव भारी जीत के साथ ख़त्म हुआ।
इंडियन नेशनल कांग्रेस ने 24 सीटें जीतीं।
यह 36 सीटों वाले सदन में 19 सीटों के बहुमत के आँकड़े से काफ़ी ऊपर था।
निर्दलीय खेमा 8 सीटों के साथ उसके बाद रहा।
क्या बदला
यह राज्य में हुआ पहला विधान सभा चुनाव था।
उस साल कुछ सीटें बहु-सदस्यीय थीं, यानी एक ही मुक़ाबले से एक से ज़्यादा सदस्य विधान सभा में पहुँचते थे।
28 निर्वाचन क्षेत्रों में से 8 इसी तरह काम करते थे।
कुल मिलाकर नई विधान सभा में 36 सीटें थीं।
अहम आँकड़े
उस पहले चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
सबसे क़रीबी मुक़ाबला: भामला, हिमाचल प्रदेश का फ़ैसला सिर्फ़ 67 वोटों से हुआ, जो उस साल किसी भी सीट पर सबसे कम (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) था।
दूसरी ओर, महादेव, हिमाचल प्रदेश सबसे एकतरफ़ा मुक़ाबला रहा, जहाँ विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से 79.2% आगे रहे।
सबसे भरा हुआ बैलट ठियोग, हिमाचल प्रदेश में था, जहाँ 12 उम्मीदवार मैदान में थे।
राज्य के पहले चुनाव में लगभग 26.7% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला।
पृष्ठभूमि
यह चुनाव राज्य के गठन के बाद हुआ।