सदर मंडीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
कृष्ण नन्द स्वामी (निर्दलीय) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 37.0% वोट पाकर सदर मंडी सीट जीती और पूर्ण नन्द (INC) को 165 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 से सीट नंबर 17 नाहन है।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। कृष्ण नन्द स्वामी 2.6% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कृष्ण नन्द स्वामी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,34537.0% |
| 2 | पूर्ण नन्द | 2,18034.4% | |
| 3 | गुलाब सिंह | 93714.8% | |
| 4 | लाल सिंह | 5859.2% | |
| 5 | रवि सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1552.5% |
| 6 | शेर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1342.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.49 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।