नए राज्य का पहला चुनाव
क्या हुआ
पूर्ण राज्य के रूप में हिमाचल प्रदेश के पहले चुनाव में कांग्रेस सत्ता में बनी रही।
इंडियन नेशनल कांग्रेस ने कुल 68 सीटों में से 53 सीटें जीतीं।
यह बहुमत के लिए ज़रूरी सीटों से 18 सीटें ज़्यादा था।
उसके सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी निर्दलीय के उम्मीदवार रहे, जिन्होंने मिलकर 7 सीटें जीतीं।
पार्टी अब राज्य में लगातार 3 चुनाव जीत चुकी थी।
क्या बदला
हिमाचल प्रदेश के पूर्ण राज्य बनने के बाद यह पहला चुनाव था।
विधान सभा पहले की 60 सीटों से बढ़कर 68 सीटों की हो गई।
इस दौरान पार्टी की अपनी सीटें 34 से बढ़कर 53 हो गईं।
इस चुनाव और पिछले चुनाव के बीच सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गई थीं, इसलिए हर सीट पर हुए बदलाव गिने नहीं जा सकते।
अहम आँकड़े
चुनाव परिणामों के कुछ आँकड़े अपने आप में ध्यान खींचते हैं।
मतगणना का सबसे कड़ा मुक़ाबला शाहपुर, हिमाचल प्रदेश में हुआ, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 74 वोट रहा।
दूसरी ओर, इस चुनाव की सबसे बड़ी जीत जुब्बल कोटखाई, हिमाचल प्रदेश में हुई, जहाँ जीत का अंतर 89.1% वोट रहा।
इस चुनाव में सबसे ज़्यादा (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) लाहौल स्पीति, हिमाचल प्रदेश में दर्ज हुआ, 78.2%।
पंजीकृत मतदाताओं के हिसाब से सुन्दरनगर, हिमाचल प्रदेश सबसे बड़ा निर्वाचन क्षेत्र था, जहाँ मतदाता सूची में 39,102 नाम थे।
पृष्ठभूमि
इस चुनाव से कुछ ही समय पहले हिमाचल प्रदेश पूर्ण राज्य बना था।