शिमलाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
दौलत राम चौहान (BJS) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 42.3% वोट पाकर शिमला सीट जीती और शिव दत्त भारद्वाज (INC) को 555 वोटों से हराया।
1972 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 में सीट नंबर 13 कंडाघाट थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 13 कसौली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। दौलत राम चौहान 3.9% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दौलत राम चौहान महागठबंधन | महागठबंधन | 5,99042.3% |
| 2 | शिव दत्त भारद्वाज कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 5,43538.4% |
| 3 | प्रिथी चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1,88013.3% |
| 4 | सुरिंदर सिंह आहुजा निर्दलीय | निर्दलीय | 2631.9% |
| 5 | इन्द्र चन्द गुप्ता | 1841.3% | |
| 6 | जे. जैकब | 1691.2% | |
| 7 | काली दास वासुदेवा निर्दलीय | निर्दलीय | 1120.8% |
| 8 | कामरेड जोगिंदर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 700.5% |
| 9 | बशेशर दयाल निर्दलीय | निर्दलीय | 440.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJS, INC और एक निर्दलीय को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.90 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।