मंगवालविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
चुड़ामणी (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 34.1% वोट पाकर मंगवाल सीट जीती और होशियार सिंह पराशर (निर्दलीय) को 1,240 वोटों से हराया।
1972 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 में सीट नंबर 38 नगरोटा थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 38 जसवां है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चुड़ामणी कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 4,05834.1% |
| 2 | होशियार सिंह पराशर निर्दलीय | निर्दलीय | 2,81823.7% |
| 3 | मुन्शी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,65513.9% |
| 4 | राजिंदर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,29510.9% |
| 5 | जगत राम निर्दलीय | निर्दलीय | 7716.5% |
| 6 | मेहर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6895.8% |
| 7 | मणि राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2972.5% |
| 8 | तुलसा सिंह | 2512.1% | |
| 9 | मेहर सिंह राही निर्दलीय | निर्दलीय | 490.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 72% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.70 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।