बिलासपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
किशोरी लाल (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 50.0% वोट पाकर बिलासपुर सीट जीती और संत राम (LRP) को 2,954 वोटों से हराया।
1972 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1967 में सीट नंबर 21 भोटा थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 21 का नाम अब भी बिलासपुर है, अब नई सीमाओं के साथ। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — किशोरी लाल 27.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | किशोरी लाल कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 5,43150.0% |
| 2 | संत राम LRP | LRP | 2,47722.8% |
| 3 | कांशी राम भंडारी निर्दलीय | निर्दलीय | 7567.0% |
| 4 | देवी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 5645.2% |
| 5 | शंकर सिंह वाम दल | वाम दल | 4974.6% |
| 6 | कुलदीप सिंह महागठबंधन | महागठबंधन | 4774.4% |
| 7 | तेग सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3373.1% |
| 8 | काली दास निर्दलीय | निर्दलीय | 2322.1% |
| 9 | नन्द लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 840.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.17 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।