हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सत्ता में वापसी
क्या हुआ
हिमाचल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी सत्ता से बाहर हुई, और इंडियन नेशनल कांग्रेस सरकार में लौटी।
कांग्रेस ने 68 सीटों में से 40 सीटें जीतीं।
यह 43.9% वोटों के साथ हुआ।
भाजपा 25 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही।
चुनाव प्रचार
आम आदमी पार्टी ने जल्दी प्रचार शुरू किया: 6 अप्रैल 2022 को मंडी में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में रोड शो हुआ।1
कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य पवन कुमार काजल और विधायक लखविंदर सिंह राणा अगस्त 2022 में भाजपा में शामिल हुए। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हर्ष महाजन 28 सितंबर 2022 को भाजपा में शामिल हुए।23
चुनाव आयोग ने 14 अक्टूबर 2022 को चुनाव कार्यक्रम घोषित किया: मतदान 12 नवंबर को और मतगणना 8 दिसंबर को। उसी दिन कांग्रेस ने सोलन में 'परिवर्तन प्रतिज्ञा रैली' से अपना प्रचार शुरू किया, जिसे प्रियंका गांधी ने संबोधित किया।45
30 अक्टूबर 2022 को भाजपा ने सभी 68 सीटों पर एक साथ रैलियाँ करने के लिए 30 प्रचारक उतारे।6
आप के घोषणापत्र में हर घर को 300 यूनिट मुफ़्त बिजली का वादा था। 4 नवंबर को प्रियंका गांधी ने वादा किया कि कांग्रेस सरकार अपनी पहली कैबिनेट बैठक में पुरानी पेंशन योजना बहाल करेगी।78
क्या बदला
सत्ता बदली, और ज़्यादातर बदलाव एक ही दिशा में हुआ।
राज्य के 68 निर्वाचन क्षेत्रों में से 31 में पिछले चुनाव के मुक़ाबले जीतने वाली पार्टी बदल गई।
इनमें से 23 सीटें भाजपा से कांग्रेस के पास गईं।
ख़ुद कांग्रेस की सीटें 21 से बढ़कर 40 हो गईं।
(पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) 0.1 प्रतिशत अंक बढ़कर 75.4% हो गया — यह राज्य में अब तक का सबसे ऊँचा है।
अहम आँकड़े
सबसे क़रीबी मुक़ाबला भोरंज, हिमाचल प्रदेश में हुआ, जिसका फ़ैसला 60 वोटों से हुआ।
दून, हिमाचल प्रदेश में किसी भी सीट से ज़्यादा मतदान प्रतिशत दर्ज हुआ, 85.8%।
जोगिंदर नगर, हिमाचल प्रदेश में किसी भी सीट से ज़्यादा उम्मीदवार उतरे, बैलट पर 11 नाम थे।
पूरे राज्य में (इनमें से कोई नहीं (नोटा) — मतपत्र का वह विकल्प, जिससे मतदाता सामने खड़े सभी उम्मीदवारों को औपचारिक रूप से नकार सकते हैं) को 24,861 वोट मिले, यानी कुल वोटों का 0.6%।
पृष्ठभूमि
हिमाचल प्रदेश जनवरी 1971 में पूर्ण राज्य बना, और उसके बाद हुए चुनाव में उसकी विधान सभा 68 सीटों की हो गई।9