शिमलाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1967
डी. राम (BJS) ने 1967 के विधान सभा चुनाव में 61.1% वोट पाकर शिमला सीट जीती और जी. चन्द (INC) को 3,787 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में सीट नंबर 8 राजगढ़ थी। 1967 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 से सीट नंबर 8 कसुम्पटी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — डी. राम 34.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | डी. राम Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 6,71861.1% |
| 2 | जी. चन्द | 2,93126.7% | |
| 3 | सी. सिंह | 4664.2% | |
| 4 | जे. सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3643.3% |
| 5 | पी. लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2212.0% |
| 6 | जी. शंकर | 1351.2% | |
| 7 | ए. सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1251.1% |
| 8 | ओ. प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 260.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJS और INC को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.23 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।