नदौनताविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
मंजीत सिंह (निर्दलीय) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 33.6% वोट पाकर नदौनता सीट जीती और राम रतन शर्मा (BJP) को 171 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 28 नादौन थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 28 नाचन है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नदौनता का फ़ैसला सिर्फ़ 0.5% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 171 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मंजीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 11,82133.6% |
| 2 | राम रतन शर्मा | 11,65033.1% | |
| 3 | राजिंद्र ज़ार | 8,65624.6% | |
| 4 | निक्के राम एडवोकेट | 9642.7% | |
| 5 | बिशन दत्त लखनपाल जनता दल | जनता दल | 8952.5% |
| 6 | सुरेश कुमार शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 4431.3% |
| 7 | बिशन दास जसवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3681.0% |
| 8 | रतन चन्द मटौरिया निर्दलीय | निर्दलीय | 3130.9% |
| 9 | धतवा लिया धर्म सिंह गांधी निर्दलीय | निर्दलीय | 740.2% |
| 10 | मस्त राम निर्दलीय | निर्दलीय | 320.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.52 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नदौनता से कौन जीता, 1977–2007
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1990 के 64.7% से बढ़कर 67.4% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1977उधो राम (JNP), जीत का अंतर 31.4%
- 1982राम रतन शर्मा (BJP), जीत का अंतर 7.3%
- 1985मंजीत सिंह (INC), जीत का अंतर 16.7%
- 1990राम रतन शर्मा (BJP), जीत का अंतर 25.5%
- 1993मंजीत सिंह (IND), जीत का अंतर 0.5%
- 1998बलदेव शर्मा (BJP), जीत का अंतर 11.9%
- 2003बलदेव शर्मा (BJP), जीत का अंतर 26.5%
- 2007बलदेव शर्मा (BJP), जीत का अंतर 32.7%