बल्हविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
नेक राम (INC) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 49.0% वोट पाकर बल्ह सीट जीती और दामोदर दास (BJP) को 4,190 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 63 का नाम बल्ह था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 63 शिमला है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नेक राम | 19,05049.0% | |
| 2 | दामोदर दास | 14,86038.2% | |
| 3 | नरपत राम चौहान | 1,6514.3% | |
| 4 | चमन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2563.2% |
| 5 | हीरा सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0592.7% |
| 6 | राजिंदर मोहन वाम दल | वाम दल | 4511.2% |
| 7 | लक्ष्मी दत्त निर्दलीय | निर्दलीय | 1580.4% |
| 8 | तुलसी राम जनता दल | जनता दल | 1570.4% |
| 9 | धर्म पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1250.3% |
| 10 | प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 880.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और BSP को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.56 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बल्ह से कौन जीता, 1977–2007
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1985 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1990 के 73.4% से घटकर 70.1% रह गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट HVC ने जीती।