बल्हविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2003
दामोदर दास (BJP) ने 2003 के विधान सभा चुनाव में 32.8% वोट पाकर बल्ह सीट जीती और प्रकाश चौधरी (HVC) को 188 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 63 का नाम बल्ह था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 63 शिमला है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
बल्ह का फ़ैसला सिर्फ़ 0.3% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 188 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दामोदर दास NDA | NDA | 18,39232.8% |
| 2 | प्रकाश चौधरी HVC NDA | HVC NDA | 18,20432.5% |
| 3 | महंत राम निर्दलीय | निर्दलीय | 9,14316.3% |
| 4 | कश्मीर सिंह | 6,72412.0% | |
| 5 | लाल सिंह LMHP | LMHP | 1,8273.3% |
| 6 | प्रशोतम राम निर्दलीय | निर्दलीय | 8361.5% |
| 7 | पदम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4770.8% |
| 8 | चमन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4510.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.91 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बल्ह से कौन जीता, 1977–2007
BJP ने यह सीट HVC से छीन ली, जिसने इसे 1998 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1990 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1998 के 75.2% से बढ़कर 78.5% हो गया। इसके बाद 2007 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।