हिमाचल प्रदेश 1993 के नक्शे पर वापस जाएँ
हिमाचल प्रदेश · विधान सभा सीट नंबर 46

नगरोटाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993

हरदयाल चौधरी (निर्दलीय) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 51.4% वोट पाकर नगरोटा सीट जीती और चौधरी राम चन्द (BJP) को 8,719 वोटों से हराया।

1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 46 पालमपुर थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 46 झण्डुता है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।

विजेता

हरदयाल चौधरी
IND
निर्दलीय 51.4%BJP 27.9%7 अन्य 20.7%
मिले वोट
19,085
मतों का 51.4%
जीत का अंतर
8,719
कुल वोटों का 23.5%
उम्मीदवार
9
मतदान प्रतिशत
75.4%
49,249 मतदाताओं में से

सुरक्षित अंतर से जीत — हरदयाल चौधरी 23.5% से जीते।

सीट का इतिहास

सभी उम्मीदवार

9 उम्मीदवार
#उम्मीदवारपार्टीमिले वोट · %
1
हरदयाल चौधरी
निर्दलीय
निर्दलीय
19,08551.4%
2
चौधरी राम चन्द
10,36627.9%
3
परषोत्तम लाल चौधरी
4,65112.5%
4
मुल्ह राज शर्मा
निर्दलीय
निर्दलीय
1,3863.7%
5
देव राज
वाम दल
वाम दल
9082.5%
6
मदन लाल
3030.8%
7
रमेश चौधरी
HKP
HKP
2770.8%
8
अवतार सिंह राणा
निर्दलीय
निर्दलीय
1120.3%
9
अमर सिंह
340.1%

परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।

सीट का इतिहास लोड हो रहा है…

यह सीट कितनी पक्की है?

इस सीट के आंकड़े
23.5%

जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में

कितने लोगों ने वोट डाला?

इस सीट के आंकड़े
75%

पंजीकृत मतदाताओं में से

कमज़्यादा

मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?

इस सीट के आंकड़े
दो या तीन दल

एक निर्दलीय, BJP और INC को 92% वोट मिले।

मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.78

सदन में किसके पास कितनी सीटें?

इस सीट के आंकड़े
68 सीटें · बहुमत का आँकड़ा 35

वोट किस तरह बँटे?

इस सीट के आंकड़े
51.4%निर्दलीय की जीत
निर्दलीय 51.4%BJP 27.9%INC 12.5%अन्य 8.1%

यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।

राज्य के आँकड़े पूछें

RBI 2024-25

ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।

नगरोटा से कौन जीता, 1977–2007

एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1990 में जीता था। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1990 के 72.8% से बढ़कर 75.4% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।

  1. 1977हरदयाल (INC), जीत का अंतर 26.1%
  2. 1982राम चन्द (BJP), जीत का अंतर 13.6%
  3. 1985राम चन्द (BJP), जीत का अंतर 1.4%
  4. 1990राम चन्द भाटिया (BJP), जीत का अंतर 15.0%
  5. 1993हरदयाल चौधरी (IND), जीत का अंतर 23.5%
  6. 1998जी.एस. बली (INC), जीत का अंतर 3.1%
  7. 2003जी.एस. बली (INC), जीत का अंतर 21.5%
  8. 2007जी. एस. बली (INC), जीत का अंतर 10.9%