भाजपा की फिर सत्ता में वापसी

राजस्थान विधान सभा का नक्शा लोड हो रहा है…

चुनाव की कहानी

क्या हुआ

इंडियन नेशनल कांग्रेस हार गई, और विपक्ष काम चलाने लायक बहुमत के साथ सत्ता में लौटा।

भारतीय जनता पार्टी ने कुल 200 सीटों में से 115 सीटें जीतीं।

यह बहुमत के लिए ज़रूरी संख्या से 14 सीटें ज़्यादा था।

कांग्रेस 70 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही।

क्या बदला

इस बार राजस्थान की सभी सीटों पर एक ही दिन मतदान नहीं हुआ।

1 सीट का चुनाव टाल दिया गया और अलग से कराया गया, इसलिए यहाँ 199 सीटों की तुलना की गई है।

56 सीटें कांग्रेस से भाजपा के पास गईं, जो इस चुनाव का सबसे बड़ा बदलाव था।

कुल मिलाकर, तुलना की गई सीटों में से 119 पर पार्टी बदली।

अहम आँकड़े

इस चुनाव के कुछ आँकड़े अपने आप में जानने लायक़ हैं।

सबसे क़रीबी मुक़ाबला: कोटपूतली, राजस्थान में सिर्फ़ 321 वोट रहा।

कुशलगढ़, राजस्थान में किसी भी सीट से ज़्यादा दर्ज हुआ, 88.7%।

झोटवाड़ा, राजस्थान दो वजहों से अलग दिखी: यहाँ किसी भी सीट से ज़्यादा मतदाता थे, 4,29,027 पंजीकृत मतदाता, और मतपत्र पर सबसे ज़्यादा उम्मीदवार भी, 18।

पूरे राज्य में 1.0% मतदाताओं ने चुना।

पृष्ठभूमि

यह सीधा-सादा सत्ता परिवर्तन था, जिसमें सत्ता में आ रही पार्टी ने अपने दम पर बहुमत पार किया।