जम्मू और कश्मीर 2008 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
JKN: 28 सीटें (32.2%)JKPDP: 21 सीटें (24.1%)INC: 17 सीटें (19.5%)BJP: 11 सीटें (12.6%)IND: 4 सीटें (4.6%)JKNPP: 3 सीटें (3.4%)CPM: 1 सीट (1.1%)JKDPN: 1 सीट (1.1%)PDF: 1 सीट (1.1%)बहुमत के लिए 4487सरकार बनाने के लिए 44
चुनाव की कहानी

ज़मीन का विवाद, गठबंधन टूटा, और दूसरी त्रिशंकु विधान सभा

क्या हुआ

जम्मू एण्ड कश्मीर नेशनल काँफ्रेंस ने जम्मू और कश्मीर में सबसे ज़्यादा सीटें जीतीं, लेकिन परिणाम रहा और कोई पार्टी बहुमत तक नहीं पहुँची।

उसने 87 में से 28 सीटें जीतीं।

उसे 23.1% वोट मिले, और वह 44 सीटों के बहुमत के आँकड़े से काफ़ी पीछे रही।

जम्मू एण्ड कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी 15.4% वोटों और 21 सीटों के साथ उसके बाद रही।

चुनाव प्रचार

26 मई 2008 को राज्य सरकार ने अमरनाथ श्राइन बोर्ड को 40 हेक्टेयर ज़मीन देने को मंज़ूरी दी, जिसके बाद पूरी कश्मीर घाटी में अशांति फैल गई। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने कांग्रेस के साथ से नाता तोड़ लिया, और मुख्यमंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद ने 7 जुलाई को इस्तीफ़ा दे दिया।1

जम्मू में अमरनाथ यात्रा संघर्ष समिति ने ज़मीन के इस मामले पर महीनों तक आंदोलन और हाईवे की नाकेबंदी जारी रखी, और उसके संयोजक लीला करण शर्मा ने 6 अगस्त को फिर समूह की माँगें उठाईं।2

प्रचार के दौरान ऑल पार्टीज़ हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस ने कश्मीरियों से मतदान के बहिष्कार की अपील की और इसे एक बेकार क़वायद बताया, जो कभी लोगों की आकांक्षाएँ पूरी नहीं करेगी।3

इसके बाद हुआ चुनाव दिसंबर तक सात चरणों में चला, और बहिष्कार की अपीलों के बावजूद 60.5% तक पहुँचा।1

स्रोत
  1. 1 wikipedia.org (1) wikipedia.org (2)
  2. 2 wikipedia.org
  3. 3 wikipedia.org

क्या बदला

जम्मू एण्ड कश्मीर नेशनल काँफ्रेंस की अपनी सीटों में मुश्किल से कोई बदलाव हुआ, जबकि कई सीटों पर पार्टी बदली।

उसने 28 सीटें जीतीं, पिछली बार की 28 जितनी ही।

इससे सबसे ऊपर रहने का उसका सिलसिला लगातार 6 चुनावों तक पहुँच गया।

फिर भी 87 में से 41 सीटों ने पिछले चुनाव से अलग पार्टी को चुना।

मतदान प्रतिशत पिछले चुनाव के मुक़ाबले 18.3 प्रतिशत अंक बढ़ा।

अहम आँकड़े

सबसे क़रीबी मुक़ाबला सोनवार, जम्मू और कश्मीर में हुआ, जहाँ 94 वोट रहा।

इस चुनाव में सबसे बड़ा जीत का अंतर खानयार, जम्मू और कश्मीर में रहा, जहाँ विजेता 64.7% वोटों से आगे रहा।

सबसे ज़्यादा मतदान प्रतिशत मढ़, जम्मू और कश्मीर में रहा, जहाँ यह 82.0% तक पहुँचा।

सबसे कम मतदान प्रतिशत हब्बा कदल, जम्मू और कश्मीर में रहा, 11.6%; यह कश्मीर घाटी में है, जहाँ ऑल पार्टीज़ हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस ने मतदान के बहिष्कार की अपील की थी।3

पंजीकृत मतदाताओं के हिसाब से गांधीनगर, जम्मू और कश्मीर सबसे बड़ा निर्वाचन क्षेत्र था, जहाँ मतदाता सूची में 1,43,629 नाम थे।

जम्मू पश्चिम, जम्मू और कश्मीर में किसी भी सीट से ज़्यादा उम्मीदवार उतरे, बैलट पर 34 नाम थे।

स्रोत
  1. 3 wikipedia.org

पृष्ठभूमि

मुफ़्ती मोहम्मद सईद ने 1999 में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी बनाई, और 2002 के चुनाव में किसी पार्टी के बहुमत तक न पहुँचने पर उसने बारी-बारी से मुख्यमंत्री बनाने की व्यवस्था के तहत इंडियन नेशनल कांग्रेस के साथ गठबंधन सरकार बनाई।4

पहले सईद मुख्यमंत्री रहे, फिर नवंबर 2005 से कांग्रेस के ग़ुलाम नबी आज़ाद ने पद सँभाला।4

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