नेशनल कॉन्फ़्रेंस को दूसरा कार्यकाल
क्या हुआ
जम्मू एण्ड कश्मीर नेशनल काँफ्रेंस फिर सत्ता में बनी रही और मुख्य प्रतिद्वंद्वी के आगे बढ़ने के बावजूद सुरक्षित अंतर से जीती।
जम्मू एण्ड कश्मीर नेशनल काँफ्रेंस ने राज्य की 76 सीटों में से 46 सीटें जीतीं, सीटों के हिसाब से यह एकतरफ़ा जीत थी।
यह 39 सीटों के बहुमत के आँकड़े से 7 सीटें ज़्यादा था।
इंडियन नेशनल कांग्रेस 25 सीटों के साथ काफ़ी पीछे दूसरे स्थान पर रही।
क्या बदला
वही पार्टी सत्ता में रही, लेकिन अच्छी-ख़ासी सीटों पर पार्टी बदली, और (पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) फिर बढ़ा।
राज्य के 76 निर्वाचन क्षेत्रों में से 28 ने पिछली बार से अलग पार्टी को चुना।
सबसे बड़ा बदलाव जनता पार्टी से कांग्रेस की ओर रहा, एक साथ 9 सीटें।
मतदान प्रतिशत बढ़कर 70.7% हो गया, जो यहाँ का नया रिकॉर्ड था।
अहम आँकड़े
चुनाव परिणामों के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
सबसे क़रीबी मुक़ाबला हंदवाड़ा, जम्मू और कश्मीर में हुआ, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 10 वोट रहा।
सबसे ज़्यादा मतदान प्रतिशत ज़ैनाकदल, जम्मू और कश्मीर में रहा, जहाँ 92.7% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला।
पंजीकृत मतदाताओं के हिसाब से जदीबल, जम्मू और कश्मीर सबसे बड़ा निर्वाचन क्षेत्र था, मतदाता सूची में 64,380 नाम थे।
सबसे भीड़ वाला मुक़ाबला बिलावर, जम्मू और कश्मीर में था, जहाँ 19 उम्मीदवार मैदान में थे।
पृष्ठभूमि
राज्य का नेतृत्व बदल देने वाले राजनीतिक समझौते के बाद यह दूसरा विधान सभा चुनाव था।