इस रिकॉर्ड के सबसे पुराने परिणाम में नेशनल कॉन्फ़्रेंस का दबदबा
क्या हुआ
इस रिकॉर्ड के जम्मू और कश्मीर के सबसे पुराने चुनाव में एक पार्टी ने लगभग हर सीट जीती।
नेशनल काँफ्रेंस ने राज्य की 75 सीटों में से 70 सीटें जीतीं, सीटों के हिसाब से यह एकतरफ़ा जीत थी।
इससे वह 38 सीटों के बहुमत के आँकड़े से 32 सीटें आगे रही।
उसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी प्रजा पार्टी सिर्फ़ 3 सीटें जुटा पाई।
क्या बदला
इस रिकॉर्ड में इस चुनाव से तुलना के लिए पहले का कोई परिणाम नहीं है।
उस साल कई सीटों पर तो मतदान हुआ ही नहीं — ये निर्विरोध जीतें थीं, जहाँ सिर्फ़ एक उम्मीदवार मैदान में था, इसलिए फ़ैसले के लिए वोटिंग की ज़रूरत नहीं पड़ी।
राज्य की 75 सीटों में से 34 का फ़ैसला इसी तरह हुआ।
(पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) 39.4% तक पहुँचा।
अहम आँकड़े
चुनाव परिणामों के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
सबसे क़रीबी मुक़ाबला उधमपुर, जम्मू और कश्मीर में हुआ, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 188 रहा।
सबसे ज़्यादा मतदान प्रतिशत लेह, जम्मू और कश्मीर में रहा, जहाँ 90.0% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला।
पंजीकृत मतदाताओं के हिसाब से नौशेरा, जम्मू और कश्मीर सबसे बड़ा निर्वाचन क्षेत्र था, मतदाता सूची में 34,800 नाम थे।
सबसे भीड़ वाला मुक़ाबला जम्मू शहर दक्षिणी, जम्मू और कश्मीर में था, जहाँ 7 उम्मीदवार मैदान में थे।
पृष्ठभूमि
यह इस रिकॉर्ड का सबसे पुराना परिणाम है, और यहाँ कोई ऐतिहासिक घटना ख़ास तौर पर इससे जुड़ी नहीं है।