मतदान में उछाल के बीच कांग्रेस बरक़रार
क्या हुआ
इंडियन नेशनल कांग्रेस फिर सत्ता में बनी रही, हालाँकि पहले से थोड़े कम बहुमत के साथ।
कांग्रेस ने राज्य की 75 सीटों में से 58 सीटें जीतीं — सीटों के हिस्से के हिसाब से यह अब भी भारी जीत थी।
यह 38 सीटों के बहुमत के आँकड़े से 20 सीटें ज़्यादा था।
निर्दलीय के उम्मीदवार 9 सीटों के साथ उसके बाद रहे।
क्या बदला
(पंजीकृत मतदाताओं में से कितने प्रतिशत ने असल में वोट डाला) में तेज़ उछाल आया, और वही पार्टी सत्ता में रहने के बावजूद अच्छी-ख़ासी सीटों पर पार्टी बदली।
मतदान प्रतिशत 20.3 प्रतिशत अंक बढ़कर 60.0% हो गया।
राज्य के 75 निर्वाचन क्षेत्रों में से 20 ने पिछली बार से अलग पार्टी को चुना।
सबसे बड़ा बदलाव जम्मू एण्ड कश्मीर नेशनल काँफ्रेंस से कांग्रेस की ओर रहा, एक साथ 5 सीटें।
अहम आँकड़े
चुनाव परिणामों के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।
सबसे क़रीबी मुक़ाबला नौशेरा, जम्मू और कश्मीर में हुआ, जहाँ (विजेता दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार से कितने वोटों से आगे रहा) सिर्फ़ 51 रहा।
सबसे ज़्यादा मतदान प्रतिशत चडूरा, जम्मू और कश्मीर में रहा, जहाँ 86.6% पंजीकृत मतदाताओं ने वोट डाला।
पंजीकृत मतदाताओं के हिसाब से मेंढर, जम्मू और कश्मीर सबसे बड़ा निर्वाचन क्षेत्र था, मतदाता सूची में 50,008 नाम थे।
सबसे भीड़ वाला मुक़ाबला जम्मू दक्षिण, जम्मू और कश्मीर में था, जहाँ 16 उम्मीदवार मैदान में थे।
पृष्ठभूमि
प्रतिद्वंद्वी का नेतृत्व कांग्रेस में शामिल हो जाने के बाद यह लगातार दूसरा चुनाव था जिसमें कांग्रेस सत्ता में रही।