जम्मू और कश्मीर 1996 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
JKN: 57 सीटें (65.5%)BJP: 8 सीटें (9.2%)INC: 7 सीटें (8.0%)JD: 5 सीटें (5.7%)BSP: 4 सीटें (4.6%)IND: 2 सीटें (2.3%)AIIC(T): 1 सीट (1.1%)CPM: 1 सीट (1.1%)अन्य (2 पार्टियाँ): 2 सीटें — JKAL 1, JPP 1बहुमत के लिए 4487सरकार बनाने के लिए 44
  • JKN5765.5%
  • BJP89.2%
  • INC78.0%
  • JD55.7%
  • BSP44.6%
  • निर्दलीय22.3%
  • AIIC(T)11.1%
  • CPM11.1%
  • अन्य22.3%
चुनाव की कहानी

छह साल का केंद्रीय शासन मतपेटी से ख़त्म

क्या हुआ

जम्मू और कश्मीर में कई साल बाद पहला विधान सभा चुनाव हुआ, और राज्य की प्रमुख पार्टी सुरक्षित अंतर से सत्ता में लौटी।

जम्मू एण्ड कश्मीर नेशनल काँफ्रेंस ने राज्य की 87 सीटों में से 57 सीटें जीतीं, सीटों के हिसाब से यह एकतरफ़ा जीत थी।

इससे वह 44 सीटों के बहुमत के आँकड़े से 13 सीटें आगे रही।

उसकी सबसे क़रीबी प्रतिद्वंद्वी भारतीय जनता पार्टी ने 8 सीटें हासिल कीं।

क्या बदला

विधान सभा ख़ुद बड़ी हुई, और जम्मू एण्ड कश्मीर नेशनल काँफ्रेंस पहले से कहीं ज़्यादा मज़बूत होकर लौटी।

सदन 76 से बढ़कर 87 सीटों का हो गया।

जम्मू एण्ड कश्मीर नेशनल काँफ्रेंस ने इनमें से 57 सीटें जीतीं, जबकि पिछली बार 40 जीती थीं।

पिछले चुनाव के मुक़ाबले में -20.9 प्रतिशत अंक का तेज़ बदलाव आया।

अहम आँकड़े

चुनाव परिणामों के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

सबसे क़रीबी मुक़ाबला नुब्रा, जम्मू और कश्मीर में हुआ, जहाँ सिर्फ़ 83 रहा।

सबसे ज़्यादा मतदान प्रतिशत कारगिल, जम्मू और कश्मीर में रहा, जहाँ यह 79.7% तक पहुँचा।

पंजीकृत मतदाताओं के हिसाब से जम्मू पश्चिम, जम्मू और कश्मीर सबसे बड़ा निर्वाचन क्षेत्र था, मतदाता सूची में 1,15,286 नाम थे।

सबसे भीड़ वाला मुक़ाबला कठुआ, जम्मू और कश्मीर में था, जहाँ 14 उम्मीदवार मैदान में थे।

पृष्ठभूमि

लंबे केंद्रीय शासन के बाद यह राज्य का पहला विधान सभा चुनाव था।

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RBI 2024-25

सभी 87 सीटें