भद्रवाहविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
अब्दुल रेहमान (BSP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 51.2% वोट पाकर भद्रवाह सीट जीती और दया कृष्ण कोटवाल (BJP) को 4,355 वोटों से हराया।
1996 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1987 में सीट नंबर 54 चिनैनी घोरडी थी। 2014 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2024 से सीट नंबर 54 रामबन है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अब्दुल रेहमान | 21,61551.2% | |
| 2 | दया कृष्ण कोटवाल | 17,26040.9% | |
| 3 | स्वामी राज शर्मा | 2,0644.9% | |
| 4 | मोहम्मद इकबाल संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 4451.1% |
| 5 | देस राज संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 3410.8% |
| 6 | सुदेश निर्दलीय | निर्दलीय | 2220.5% |
| 7 | च. मोहम्मद इकबाल JPP | JPP | 1460.3% |
| 8 | कौशल कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 980.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BSP, BJP और INC को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.31 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
भद्रवाह से कौन जीता, 1996–2014
इसके बाद 2002 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।