भद्रवाहविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2002
मोहम्मद शरीफ (INC) ने 2002 के विधान सभा चुनाव में 34.2% वोट पाकर भद्रवाह सीट जीती और मोहम्मद असलम (JKN) को 6,827 वोटों से हराया।
1996 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1987 में सीट नंबर 54 चिनैनी घोरडी थी। 2014 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2024 से सीट नंबर 54 रामबन है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मोहम्मद शरीफ | 16,96234.2% | |
| 2 | मोहम्मद असलम | 10,13520.4% | |
| 3 | दया कृष्ण कोटवाल NDA | NDA | 9,71119.6% |
| 4 | अब्दुल रेहमान | 3,7247.5% | |
| 5 | दलीप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,4156.9% |
| 6 | विनोद कुमार भगत निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3764.8% |
| 7 | शेख मुजीब अली मुर्तजा | 1,4983.0% | |
| 8 | तालिब हुसैन निर्दलीय | निर्दलीय | 8211.6% |
| 9 | अब्दुल हाफिज वानी निर्दलीय | निर्दलीय | 3290.7% |
| 10 | परवेज़ अहमद NDA | NDA | 2480.5% |
| 11 | रंजीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1840.4% |
| 12 | तारिक हुसैन बट निर्दलीय | निर्दलीय | 1410.3% |
| 13 | सुदेश वीर निर्दलीय | निर्दलीय | 840.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 74% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.74 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
भद्रवाह से कौन जीता, 1996–2014
INC ने यह सीट BSP से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1996 के 65.5% से घटकर 54.3% रह गया। इसके बाद 2008 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।