भद्रवाहविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2014
दलीप सिंह (BJP) ने 2014 के विधान सभा चुनाव में 35.3% वोट पाकर भद्रवाह सीट जीती और मोहम्मद शरीफ नियाज़ (INC) को 1,496 वोटों से हराया।
1996 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1987 में सीट नंबर 54 चिनैनी घोरडी थी। 2014 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2024 से सीट नंबर 54 रामबन है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। दलीप सिंह 2.0% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दलीप सिंह NDA | NDA | 25,95335.3% |
| 2 | मोहम्मद शरीफ नियाज़ UPA | UPA | 24,45733.3% |
| 3 | शेख महेबूब इकबाल | 16,67322.7% | |
| 4 | रियाज़ अहमद ज़र्गर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3101.8% |
| 5 | नरिंदर कान्त | 8911.2% | |
| 6 | रियाज अनायत उल्लाह UPA | UPA | 8801.2% |
| 7 | शेख मोहम्मद शफी | 8281.1% | |
| 8 | डॉ. कुलदीप सिंह चरक निर्दलीय | निर्दलीय | 6050.8% |
| 9 | संजय कुमार | 3740.5% | |
| 10 | मेहराज दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 3650.5% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 3390.5% |
| 11 | भूरी सिंह UPA | UPA | 3260.4% |
| 12 | निरेज सिंह मन्हास | 2490.3% | |
| 13 | इंजी. ओम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 2130.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.47 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.75 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
भद्रवाह से कौन जीता, 1996–2014
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 2008 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1996 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1996 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2008 के 65.3% से बढ़कर 69.1% हो गया।