सुचेतगढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
चुनी लाल (BJP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 26.3% वोट पाकर सुचेतगढ़ सीट जीती और घारू राम (INC) को 136 वोटों से हराया।
1996 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1987 में सीट नंबर 76 हवेली थी। 2014 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2024 से सीट नंबर 76 जम्मू पूर्व है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुचेतगढ़ का फ़ैसला सिर्फ़ 0.5% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 136 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चुनी लाल | 7,92526.3% | |
| 2 | घारू राम | 7,78925.8% | |
| 3 | राजिंदर सिंह चिब JPP | JPP | 5,91219.6% |
| 4 | माखन सिंह | 4,96816.5% | |
| 5 | सूचेट सिंह संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 1,8346.1% |
| 6 | राजेश कुमार शर्मा AIIC(T) | AIIC(T) | 8152.7% |
| 7 | नानक सिंह | 7192.4% | |
| 8 | खड़क सिंह JKAL | JKAL | 1890.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 72% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.84 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सुचेतगढ़ से कौन जीता, 1996–2014
इसके बाद 2002 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।