पम्पोरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
गुलाम हसन मंसूदा (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 53.3% वोट पाकर पम्पोर सीट जीती और पीरज़ादा गुलाम जीलानी (निर्दलीय) को 3,401 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 30 भलेसा बुंजवाह थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 30 त्राल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — गुलाम हसन मंसूदा 19.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गुलाम हसन मंसूदा कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 9,26953.3% |
| 2 | पीरज़ादा गुलाम जीलानी निर्दलीय | निर्दलीय | 5,86833.8% |
| 3 | नूर इल्लाही निर्दलीय | निर्दलीय | 1,73610.0% |
| 4 | अब्दुल माजिद सैर निर्दलीय | निर्दलीय | 5042.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, एक निर्दलीय और एक निर्दलीय को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.44 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1996 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1996 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पम्पोर से कौन जीता, 1967–1972
INC ने 1967 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 64.9% से घटकर 53.3% रह गया। मतदान प्रतिशत 1967 के 34.7% से बढ़कर 67.1% हो गया।
- 1967पी. एम. शाह (INC), जीत का अंतर 29.7%
- 1972गुलाम हसन मंसूदा (INC), जीत का अंतर 19.6%