हवेलीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1983
गुलाम अहमद (JKN) ने 1983 के विधान सभा चुनाव में 29.6% वोट पाकर हवेली सीट जीती और यश लाल (निर्दलीय) को 1,314 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 76 नहीं थी। 1987 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1996 से सीट नंबर 76 सुचेतगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। गुलाम अहमद 4.5% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गुलाम अहमद | 8,55529.6% | |
| 2 | यश लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 7,24125.1% |
| 3 | मीर गुलाम मोहम्मद कांग्रेस (इंदिरा) | कांग्रेस (इंदिरा) | 4,71516.3% |
| 4 | लाल हुसैन मुश्ताक JKP | JKP | 4,53915.7% |
| 5 | गुलाम मोहम्मद जान निर्दलीय | निर्दलीय | 3,33911.6% |
| 6 | दवारका नाथ | 2690.9% | |
| 7 | अब्दुल सलाम निर्दलीय | निर्दलीय | 1840.6% |
| 8 | जमाल दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 230.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 71% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.64 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हवेली से कौन जीता, 1977–1987
JKN ने 1977 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 51.3% से घटकर 29.6% रह गया। मतदान प्रतिशत 1977 के 47.3% से बढ़कर 64.9% हो गया। इसके बाद 1987 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।