शोपियांविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1983
शेख मोहम्मद मंसूर (JKN) ने 1983 के विधान सभा चुनाव में 48.0% वोट पाकर शोपियां सीट जीती और मौलाना मोहम्मद अमीन (JMI) को 5,857 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 32 का नाम शोपियां था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 1987 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1996 से सीट नंबर 32 पम्पोर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — शेख मोहम्मद मंसूर 19.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शेख मोहम्मद मंसूर | 14,66248.0% | |
| 2 | मौलाना मोहम्मद अमीन JMI | JMI | 8,80528.8% |
| 3 | गुलाम हस्सा खान निर्दलीय | निर्दलीय | 3,37611.1% |
| 4 | अब्दुल माजिद कांग्रेस (इंदिरा) | कांग्रेस (इंदिरा) | 2,8399.3% |
| 5 | मोहम्मद इकबाल JKP | JKP | 4091.3% |
| 6 | बशीर अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 3711.2% |
| 7 | निज़ामान निर्दलीय | निर्दलीय | 780.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JKN, JMI और एक निर्दलीय को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.99 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1996 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1996 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
शोपियां से कौन जीता, 1977–1987
JKN ने 1977 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 59.3% से घटकर 48.0% रह गया। मतदान प्रतिशत 1977 के 70.0% से बढ़कर 76.0% हो गया। इसके बाद 1987 के चुनाव में भी JKN ने यह सीट अपने पास रखी।