शोपियांविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1987
शेख मोहम्मद मंसूर (JKN) ने 1987 के विधान सभा चुनाव में 48.0% वोट पाकर शोपियां सीट जीती और अब्दुल आहाद ठोकर (निर्दलीय) को 336 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 32 का नाम शोपियां था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 1987 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1996 से सीट नंबर 32 पम्पोर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
शोपियां का फ़ैसला सिर्फ़ 0.9% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 336 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शेख मोहम्मद मंसूर | 18,08348.0% | |
| 2 | अब्दुल आहाद ठोकर निर्दलीय | निर्दलीय | 17,74747.1% |
| 3 | अब्दुल रहमान भट्ट वाम दल | वाम दल | 1,2853.4% |
| 4 | दौलत हुसैन निर्दलीय | निर्दलीय | 2050.5% |
| 5 | नजीर अहमद गट्टू निर्दलीय | निर्दलीय | 2000.5% |
| 6 | अयूब मलिक निर्दलीय | निर्दलीय | 1510.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JKN और एक निर्दलीय को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.20 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1996 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1996 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
शोपियां से कौन जीता, 1977–1987
1977 से यहाँ हर चुनाव JKN ने जीता है: यह लगातार उसकी तीसरी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत लगभग पहले जितना ही रहा: 48.0%। मतदान प्रतिशत 1983 के 76.0% से बढ़कर 79.3% हो गया।