बिश्नाहविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1983
भगत छाजू राम (INC) ने 1983 के विधान सभा चुनाव में 67.2% वोट पाकर बिश्नाह सीट जीती और परमा नन्द (JKN) को 12,964 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 58 कठुआ थी। 1987 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1996 से सीट नंबर 58 रियासी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — भगत छाजू राम 41.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | भगत छाजू राम कांग्रेस (इंदिरा) | कांग्रेस (इंदिरा) | 21,12367.2% |
| 2 | परमा नन्द | 8,15925.9% | |
| 3 | यश पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7215.5% |
| 4 | ओम राज निर्दलीय | निर्दलीय | 4391.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और JKN को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.92 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बिश्नाह से कौन जीता, 1977–1987
INC ने 1977 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 43.2% से बढ़कर 67.2% हो गया। मतदान प्रतिशत 1977 के 61.3% से बढ़कर 75.2% हो गया। इसके बाद 1987 के चुनाव में यह सीट JKN ने जीती।