किश्तवाड़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1983
गुलाम हुसैन अरमान (INC) ने 1983 के विधान सभा चुनाव में 51.6% वोट पाकर किश्तवाड़ सीट जीती और बशीर अहमद किचलू (JKN) को 3,209 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 45 किश्तवाड़ थी। 1987 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1996 से सीट नंबर 45 बिजबेहरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गुलाम हुसैन अरमान कांग्रेस (इंदिरा) | कांग्रेस (इंदिरा) | 12,21351.6% |
| 2 | बशीर अहमद किचलू | 9,00438.1% | |
| 3 | सेवा राम परिहत | 1,0664.5% | |
| 4 | अब्दुल हमीद निर्दलीय | निर्दलीय | 5152.2% |
| 5 | गुलाम मोहम्मद निर्दलीय | निर्दलीय | 4471.9% |
| 6 | जगत राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2010.8% |
| 7 | नायब चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1400.6% |
| 8 | अशोक कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 710.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, JKN और BJP को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.41 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
किश्तवाड़ से कौन जीता, 1977–1987
INC ने यह सीट JKN से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 49.3% से बढ़कर 70.8% हो गया। इसके बाद 1987 के चुनाव में यह सीट JKN ने जीती।