किश्तवाड़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1987
बशीर अहमद किचलू (JKN) ने 1987 के विधान सभा चुनाव में 68.0% वोट पाकर किश्तवाड़ सीट जीती और मान मोहन (BJP) को 14,735 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 45 का नाम किश्तवाड़ था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 1987 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1996 से सीट नंबर 45 बिजबेहरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बशीर अहमद किचलू 55.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बशीर अहमद किचलू | 18,04468.0% | |
| 2 | मान मोहन | 3,30912.5% | |
| 3 | वली मोहम्मद निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6409.9% |
| 4 | हरि कृष्ण Lok Dal | Lok Dal | 1,6826.3% |
| 5 | जानकी नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 5422.0% |
| 6 | चुनी लाल वज़ीर JPP | JPP | 3361.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JKN और BJP को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.03 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
किश्तवाड़ से कौन जीता, 1977–1987
JKN ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1983 में जीता था; JKN ने यहाँ पिछली बार 1977 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1983 के 70.8% से घटकर 68.6% रह गया।