किश्तवाड़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1977
बशीर अहमद किचलू (JKN) ने 1977 के विधान सभा चुनाव में 27.1% वोट पाकर किश्तवाड़ सीट जीती और गुलाम हुसैन अरमान (JNP) को 525 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में भी सीट नंबर 45 का नाम किश्तवाड़ था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 1987 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1996 से सीट नंबर 45 बिजबेहरा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। बशीर अहमद किचलू 3.6% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बशीर अहमद किचलू | 3,91027.1% | |
| 2 | गुलाम हुसैन अरमान जनता | जनता | 3,38523.5% |
| 3 | मनमोहन परगल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,79712.5% |
| 4 | सेवा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,67511.6% |
| 5 | अब्दुल माजिद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,63611.4% |
| 6 | पीर मिज़ाम उद दीन | 9756.8% | |
| 7 | रियाज अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 4483.1% |
| 8 | बद्री नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 3552.5% |
| 9 | जगा राम आर्यन निर्दलीय | निर्दलीय | 2181.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 63% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.64 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
किश्तवाड़ से कौन जीता, 1977–1987
इसके बाद 1983 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।