रामनगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2008
हर्ष देव सिंह (JKNPP) ने 2008 के विधान सभा चुनाव में 47.2% वोट पाकर रामनगर सीट जीती और विनोद खजूरिया (BSP) को 12,146 वोटों से हराया।
1996 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1987 में सीट नंबर 62 जम्मू पूर्व थी। 2024 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं; इस सीट का नंबर और नाम वही रहा। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — हर्ष देव सिंह 18.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हर्ष देव सिंह | 30,60947.2% | |
| 2 | विनोद खजूरिया | 18,46328.5% | |
| 3 | रणबीर सिंह पठानिया निर्दलीय | निर्दलीय | 9,28514.3% |
| 4 | ठाकर दास UPA | UPA | 1,4912.3% |
| 5 | मनसा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0021.5% |
| 6 | सुरम चन्द खजूरिया निर्दलीय | निर्दलीय | 8861.4% |
| 7 | राकेश चन्द NDA | NDA | 8281.3% |
| 8 | मोहिंदर सिंह UPA | UPA | 6761.0% |
| 9 | सुरम चन्द | 5320.8% | |
| 10 | जगदीश सिंह | 4410.7% | |
| 11 | सूरत सिंह सुंबेरिया JSM(P) | JSM(P) | 3360.5% |
| 12 | संजू कुमार NDA | NDA | 3220.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.07 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रामनगर से कौन जीता, 1996–2024
JKNPP ने 2002 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 50.4% से घटकर 47.2% रह गया। मतदान प्रतिशत 2002 के 60.7% से बढ़कर 64.5% हो गया। इसके बाद 2014 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।