खानसाहिबविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2008
हकीम मोहम्मद यासीन (PDF) ने 2008 के विधान सभा चुनाव में 41.9% वोट पाकर खानसाहिब सीट जीती और सैफ उद दीन भट्ट (JKPDP) को 8,395 वोटों से हराया।
1996 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1987 में सीट नंबर 29 पम्पोर थी। 2024 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं; इस सीट का नंबर और नाम वही रहा। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — हकीम मोहम्मद यासीन 15.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हकीम मोहम्मद यासीन PDF | PDF | 22,61641.9% |
| 2 | सैफ उद दीन भट्ट | 14,22126.4% | |
| 3 | तारिक मोही उद दीन | 10,65819.8% | |
| 4 | नजीर अहमद मल्ला NDA | NDA | 1,9763.7% |
| 5 | अब्दुल गणी नसीम निर्दलीय | निर्दलीय | 9521.8% |
| 6 | बशीर अहमद खान निर्दलीय | निर्दलीय | 8261.5% |
| 7 | मोहम्मद अशरफ खान | 6571.2% | |
| 8 | अली मोहमद मीर NDA | NDA | 6491.2% |
| 9 | अब्दुल रहमान पर्रे JKANC | JKANC | 5251.0% |
| 10 | परवीना अख्तर भट्ट | 4460.8% | |
| 11 | गुलाम मोहम्मद दार | 4040.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.49 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खानसाहिब से कौन जीता, 1996–2024
PDF ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 2002 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1996 से शुरू होता है, यह PDF की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 2002 के 49.5% से बढ़कर 74.7% हो गया। इसके बाद 2014 के चुनाव में यह सीट JKPDF ने जीती।